सर्दियों में मिलने वाले विटामिन और मिनरल्स से भरपूर यह फल, हार्ट और शुगर में कारगर

सर्दियों में सिर्फ दो महीने मिलता है विटामिन और मिनरल्स से भरपूर यह फल, हार्ट और शुगर में कारगर....
 
सर्दियों में मिलने वाले विटामिन और मिनरल्स से भरपूर यह फल, हार्ट और शुगर में कारगर

सिंघाड़े को कई तरीकों से उपयोग में लाया जाता है, जैसे कि इसे कच्चा फल की तरह खाया जाता है और पक जाने के बाद इसका अचार भी बनाया जाता है. पक जाने के बाद, इसको सुखाकर छिलका उतारकर सिंघाड़े की गिरी को पीसकर आटा बनाकर हलवा, पकौड़े, पूरी, और अन्य विभिन्न विधियों में उपयोग किया जाता है

बर्फीली सर्दीयों में भरतपुर के बाजारों में सिंघाड़े की बहुतायत देखने को मिल रही है  फल और सब्जी मंडी की दुकानों और ठेलों पर अनोखी आकृति वाले फलों की भारी तादात दिखाई दे रही हैं, जिसमें सिंघाड़ा अग्रणी है सर्दी की ऋतु में इस अन्नदाता को काफी पसंद किया जा रहा है और इसकी चर्चा बाजार में हो रही है. बता दें कि सिंघाड़ा भरतपुर के प्रसिद्ध के बांध बध बारैठा के पानी में सबसे अधिक मात्रा में उत्पन्न होता है, जिससे इसकी खेती में वृद्धि हो रही है

यह फल स्वास्थ्य के लाभों के लिए भी जाना जाता है और लोगों के बीच इसका प्रचुर उपभोग हो रहा है. इससे स्थानीय किसानों को अच्छा मुनाफा हो रहा है और शहरी लोगों को स्वस्थ और स्वादिष्ट फलों का आनंद लेने का अवसर मिल रहा है.

इस अजीब आकृति वाले फल के खेत भी अजीब हैं, जो तीन से पांच फीट पानी से भरी भूमि में स्थित होते हैं. इन खेतों में बांध बारैठा के अलावा जलभराव वाली भूमि में भी सिंघाड़ा की खेती की जाती है, जिसे डहर का क्षेत्र कहा जाता है किसान इस जलभराव से भरे खेतों को तैयार करने के लिए पहले से ही  काफी सुबह से लगातार कड़ी मेहनत करते हैं

 उन्हें खेतों को तैयार करने के लिए पानी से भरे जालनुमा आकृति के जालनुमा को बनाने के लिए नायलॉन की रस्सी का उपयोग करते हैं, जिसे खरिया कहा जाता है. इसके बाद, उन्हें यह जालनुमा बाजारों में बेचने के लिए लाया जाता है

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