Rajasthan Election 2023 :- गहलोत खेमे के टिकट काट दिया संदेश, गद्दारी बर्दाश्त नहीं

कांग्रेस नेतृत्व ने राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के विश्वस्तों के टिकट काट कर यह संदेश दिया है कि आलाकमान सर्वोपरि है।
 
Rajasthan Election 2023
गहलोत समर्थकों के टिकट काट दिया संदेश, शनिवार और रविवार को जारी कांग्रेस की सूचियों को देखकर साफ लगता है कि आलाकमान ने संदेश दिया कि सरकार आए या नहीं आए लेकिन अब बगावत मंजूर नहीं होगी।

Rajasthan Election 2023 Hindi :-  कांग्रेस नेतृत्व ने राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) के विश्वस्तों के टिकट काट कर यह संदेश दिया है कि आलाकमान सर्वोपरि है। अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। वहीं, सीएम गहलोत के खिलाफ बयानबाजी करने वाले पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट (Sachin Pilot) के समर्थक विधायक वेदप्रकाश सोलंकी को टिकट देकर संदेश दिया कि पायलट पार्टी नेतृत्व की गुड बुक में है।

आलाकमान ने सीएम के सबसे विश्वस्त जलदाय मंत्री महेश जोशी और राज्य पर्यटन विकास निगम के अध्यक्ष धर्मेंद्र राठौड़ के टिकट काटे हैं। आलाकमान ने पहले संसदीय कार्यमंत्री शांति धारीवाल का टिकट काटने का निर्णय कर लिया था, लेकिन गहलोत ने दिल्ली में लॉबिंग करके उनको टिकट दिलवा दिया है।

 धारीवाल को टिकट मिलने की वजह :- 

सूत्रों के अनुसार, धारीवाल ने आलाकमान से माफी मांगी है। इन नेताओं ने पिछले साल 25 सितंबर को तत्कालीन कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के निर्देश पर जयपुर में बुलाई गई विधायक दल की बैठक नहीं होने दी थी। मल्लिकार्जुन खरगे और अजय माकन पर्यवेक्षक के रूप में आए थे। बैठक में सीएम बदलने सहित सभी निर्णय करने का अधिकार सोनिया को देने को लेकर निर्णय होना था, लेकिन उक्त तीनों नेताओं ने विधायकों को बैठक में नहीं जाने दिया था। इससे सोनिया के साथ राहुल गांधी भी काफी नाराज हुए थे।

राहुल और गहलोत की बहस :-

कांग्रेस की केंद्रीय चुनाव समिति के एक सदस्य ने बताया कि इस बगावत के मुद्दे को लेकर समिति की पिछली बैठक में राहुल और गहलोत के बीच बहस हुई थी। राहुल ने जोशी, धारीवाल व राठौड़ को टिकट देने से साफ इनकार कर दिया था। गहलोत के विशेषाधिकारी लोकेश शर्मा को भी टिकट नहीं दिया गया है।

कृषि मंत्री लालचंद कटारिया के चुनाव लड़ने से इनकार करने के बाद पायलट के खास अभिषेक चौधरी को टिकट दिया गया है। भरतपुर सीट राष्ट्रीय लोकदल के लिए छोड़ी गई है। अंतिम दो सूचियों में पायलट खेमे के चार व सीएम खेमे के दस नेताओं को टिकट मिले हैं। शेष नामों पर आम सहमति हुई है।

4  विधायकों को फिर टिकट और दो के काटे :- 

चार विधायकों वीरेंद्र चौधरी को दांतारामगढ़, गोपाल मीणा को जमवारामगढ़, किशनाराम को लोहावट, मीना कंवर को शेरगढ़ सीट से फिर टिकट दिया गया है। हवामहल से जोशी और पिलानी से जेपी चंदेलिया के टिकट काटे गए हैं। डेढ़ दर्जन सीटों पर नये चेहरों को उतारा गया है। गुजरात की पूर्व राज्यपाल व पूर्व उप मुख्यमंत्री कमला के पुत्र आलोक बेनीवाल को भी टिकट नहीं दिया गया। बेनीवाल निर्दलीय विधायक हैं।

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