30% तक टूटेगा शेयर बाजार, मार्केट के 'देवता' की भविष्यवाणी !

Share Market News :- 30% तक टूटेगा शेयर बाजार, बताया र का कारण, पहले भी सच हुई इनकी एक-एक बात..
 
30% तक टूटेगा शेयर बाजार, मार्केट के 'देवता' की भविष्यवाणी !
अनुभवी अर्थशास्त्री गैरी शिलिंग ने अमेरिका में मंदी की आशंका जताई है. उन्होंने कहा कि ऐसे में शेयर बाजार 30 फीसदी तक टूट सकते हैं गैरी शिलिंग के अनुसार, आर्थिक संकेतक मंदी के आने का इशारा कर रहे हैं

Share Market News :- शेयर बाजार में तेजी और मंदी का दौर आता जाता रहता है लेकिन, सबसे ज्यादा मुश्किलों का सामना निवेशकों को गिरावट के समय करना पड़ता है दुनियाभर के बाजारों में कई मौकों पर बड़ी गिरावट आई है इनमें 2008 में अमेरिकी में आई मंदी और कोरोना महामारी के चलते दुनियाभर के स्टॉक मार्केट बुरी तरह क्रैश हुए अब बाजार में एक और खतरे की आहट है और इसका इशारा दिग्गज मार्केट एक्सपर्ट और अर्थशास्त्री गैरी शिलिंग ने किया है, जिन्हें मार्केट का प्रोफेट यानी भविष्यवक्ता भी कहा जाता है

गैरी शिलिंग ने कहा है कि अमेरिकी अर्थव्यवस्था मंदी की ओर बढ़ रही है 

'मेरी राय है कि शेयरों में लगभग 30% से 40% की गिरावट आएगी." कमर्शियल रियल एस्टेट में जारी तेजी का बुलबुला फूट सकता है'


अनुभवी अर्थशास्त्री गैरी शिलिंग को 2008 में अमेरिका में रियल एस्टेट सेक्टर में आई मंदी की सटीक भविष्यवाणी करने के लिए जाना जाता है उन्होंने कुछ समय पहले “द जूलिया ला रोश शो” में कहा था कि फेडरल रिजर्व महंगाई को नियंत्रण में लाकर अगले साल से ब्याज दरों में कटौती शुरू कर देगा

अमेरिका में आएगा 2008 जैसा आर्थिक संकट!बिजनेस इनसाइडर की रिपोर्ट के अनुसार, गैरी शिलिंग ने कहा है कि अमेरिकी अर्थव्यवस्था मंदी की ओर बढ़ रही है, और कमर्शियल रियल एस्टेट में जारी तेजी का बुलबुला फूट सकता है जिससे इस सेक्टर में बड़ी मंदी देखने को मिल सकती है उन्होंने कहा कि इस घटनाक्रम से शेयर बाजार में 30% की गिरावट हो सकती है

गैरी शिलिंग ने कहा, “मेरी राय है कि शेयरों में लगभग 30% से 40% की गिरावट आएगी और यह अपने शिखर से निचले स्तर तक जाएगा. शिलिंग के पूर्वानुमान के अनुसार, अमेरिकी इंडेक्स एसएंडपी 500 लगभग 2,900 अंक या कोरोना महामारी के बाद के सबसे निचले स्तर तक गिर सकता है

मिल रहा मंदी आने का इशारागैरी शिलिंग ने कहा कि हम मंदी में नहीं हैं, लेकिन संभवतः जल्द ही मंदी आने वाली है. कोई भी खतरा आने से पहले घंटी नहीं बजाता है. अगर आप कई प्रमुख संकेतकों को देखते हैं जो विश्वसनीय रूप से मंदी की संभावनाओं को दर्शाते हैं  हैं, तो इनको देखकर लगता है कि मंदी से बचना बहुत मुश्किल है.


बता दें कि अमेरिकी अर्थव्यवस्था दुनिया की सबसे बड़ी इकोनॉमी है और यह होने वाली हलचल पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था और शेयर बाजारों को प्रभावित करती है 2008 में भी अमेरिका में मंदी आने से भारत समेत दुनियाभर के स्टॉक मार्केट में बड़ी गिरावट देखने को मिली 

Tags